Sign In
🤨

मिलर का नियम (Miller’s Law)

परिभाषा

मिलर का नियम यह सिद्धांत है कि उपयोगकर्ता अपनी कार्यशील स्मृति में केवल 5±2 आइटम रख सकता है। यह नियम संज्ञानात्मक क्षमता और सूचना प्रसंस्करण के बारे में है, जो एक समय में संसाधित की जा सकने वाली जानकारी की सीमा को दर्शाता है।

स्पष्टीकरण

उदाहरण के लिए, यदि किसी वेबसाइट के मुख्य मेनू में बहुत सारे विकल्प होते हैं और उपयोगकर्ता को 10 से अधिक विकल्प मिलते हैं, तो निर्णय लेना उनके लिए कठिन और भ्रमित करने वाला हो सकता है। इसलिए, डिजाइनरों को मुख्य मेनू विकल्पों की संख्या को 5±2 पर सीमित करना चाहिए ताकि उपयोगकर्ता आसानी से निर्णय ले सकें। यह सिद्धांत वेबसाइट, ऐप तथा सॉफ़्टवेयर सहित विभिन्न इंटरफ़ेस डिज़ाइनों में लागू किया जा सकता है।

महत्त्व

इंटरफ़ेस डिज़ाइन में मिलर का नियम अहम भूमिका निभाता है। इसे समझने से डिजाइनर ऐसी रचनाएँ कर सकते हैं जो उपयोगकर्ता के लिए जानकारी को आसानी से समझना और ग्रहण करना संभव बनाती हैं। यदि एक साथ बहुत सारे विकल्प या सूचनाएँ दी जाती हैं, तो उपयोगकर्ता भ्रमित हो सकता है या कुछ बातें नजरअंदाज कर सकता है, इसलिए इस नियम का ध्यान रखना आवश्यक है।